Prompt:[मुखड़ा / Chorus – Repeat after each antara]
सर्दार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
जिसके पक्के हैं उसूल है वो ग़ुलाम रसूल
अवाम की है जान सब का है पहचान ग़ुलाम रसूल
सर्दार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
सब का ख़ैरख़्वाह है ग़ुलाम रसूल
नाम है इंसाफ़ का ग़ुलाम रसूल
सर्दार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
जो करे सब की भलाई वो है ग़ुलाम रसूल
अवाम ख़िदमत जिस का मंशूर वो है ग़ुलाम रसूल
[अंतरा १]
हर दिल में बसता है वो प्यार का पैग़ाम
दुख में साथ देता, हर ग़म का है इलाज़
ज़ुल्म के सामने डटकर खड़ा है अकेला
इंसानियत का है वो सच्चा सरदार
हर मज़हब, हर फिरका उसकी अमान में
एकता की मिसाल, वो है सबका सम्मान में
गरीब का है सहारा, मज़दूर का है हक़दार
सपनों को सच करने वाला है वो बाबा प्यारा
[मुखड़ा दोहराएं]
[अंतरा २]
रातों को जागे, सुबह को चले सेवा में
जन-जन की आवाज़ बनकर बोले हमेशा
भ्रष्टाचार से लड़े, सच की राह दिखाई
हर वादा निभाया, कभी न झुकाई कमर
अवाम की है पुकार, सुन ली हर फरियाद
खुशहाली का सपना दिखलाया हर बार
जो भी आए पास, मिले प्यार का साया
ऐसा है वो नेता, जिसका नाम है ग़ुलाम रसूल
[मुखड़ा दोहराएं – लाउड crowd version]
सर्दार है ग़ुलाम रसूल! (हाय हाय!)
बाबा है ग़ुलाम रसूल! (हाय हाय!)
इंसाफ़ का है झंडा, वो लहराता रहेगा
ग़ुलाम रसूल! ग़ुलाम रसूल!
[अंतरा ३ – Climax / भावुक]
जब दुनिया थक जाए, तब वो थाम ले हाथ
अंधेरे में उजाला, बनकर चमके रात
हर बच्चे की मुस्कान, हर माँ की है दुआ
उसकी मेहनत से खिलेगी हर तरफ़ बहार
ये धरती, ये लोग, सब हैं उसकी अमानत
खिदमत का है सिलसिला, कभी न होगा ख़त्म
जिंदगी भर रहेगा ये नारा गूँजता
सर्दार… बाबा… ग़ुलाम रसूल!
[Final Chorus – Big Finish with repetition & fade]
सर्दार है ग़ुलाम रसूल…
बाबा है ग़ुलाम रसूल…
ग़ुलाम रसूल! ग़ुलाम रसूल!
(सब मिलकर) ग़ुलाम रसूल!