Prompt:सरदार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
जिस के पक्के हैं उसूल है वो ग़ुलाम रसूल
अवाम की है जान सब का है पहचान ग़ुलाम रसूल
सरदार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
सब का ख़ैरख़्वाह है ग़ुलाम रसूल
नाम है इंसाफ़ का ग़ुलाम रसूल
सरदार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
जो करे सब की भलाई वो है ग़ुलाम रसूल
अवाम ख़िदमत जिस का मंशूर वो है ग़ुलाम रसूल
दिल दिल में बसा है उस का प्यार भरा पैग़ाम
दुख में साथ देता, हर ग़म का है इलाज
ज़ुल्म के सामने डट कर खड़ा है अकेला
इंसान है सच्चा सरदार
हर मज़हब, हर फ़िरक़ा उस की अमान में
यकजहती की मिसाल, सब का है एहतराम
ग़रीब का है सहारा
ख़्वाबों को सच करने वाला है वो बाबा प्यारा
बदउनवानी से लड़ा, सच की राह दिखाई
हर वादा निभाया, कभी न झुका
अवाम की है पुकार, सुन ली हर फरियाद
ख़ुशहाली का ख़्वाब दिखलाया हर बार
जो भी आया पास, मिला प्यार का साया
ऐसा है वो रहनुमा, जिस का नाम है ग़ुलाम रसूल
सरदार है ग़ुलाम रसूल
बाबा है ग़ुलाम रसूल
इंसाफ़ का है झंडा, वो लहराता रहेगा
ग़ुलाम रसूल! ग़ुलाम रसूल!
जब दुनिया थक जाए, तब वो थाम ले हाथ
अंधेरे में उजाला, बन कर चमके
हर बच्चे की मुस्कान, हर माँ की है दुआ
उस की मेहनत से खुलेगी हर तरफ़ बहार
ये धरती, ये लोग, सब हैं उस की अमानत
ख़िदमत का है सिलसिला, कभी न होगा ख़त्म
ज़िंदगी भर रहेगा ये नारा गूंजता
सरदार… बाबा… ग़ुलाम रसूल!
सरदार है ग़ुलाम रसूल…
बाबा है ग़ुलाम रसूल…
ग़ुलाम रसूल! ग़ुलाम रसूल!